सोनिया समन्दर बाबा नागार्जुन सामनेलहराता हैजहाँ तक नज़र जाती है,सोनिया समन्दर !बिछा है मैदान मेंसोन ही सोनासोना ही सोनासोना ही सोनागेहूँ की पकी फसलें तैयार हैं–बुला रही हैंखेतिहरों को…”ले चलो हमेंखलिहान में–घर की लक्ष्मी केहवाले करोले चलो यहाँ से”बुला रही हैंगेहूँ की तैयार फसलेंअपने-अपने कॄषकों को…।