शोर

शोर है यह ज़िंदगी,
शोर ही इसका वज़ूद
शोर से ही प्रारंभ इसका
शोर में ही अंत है
शोर संग दुनिया में आना
शोर संग दुनिया से जाना
शोर से है हर खुशी
शोर से ही खुशियां ख़त्म
शोर मौज़ मस्तियों का
शोर दिल की कश्तियों का
शोर ही धड़कन गिनाता
शोर से ही बयां हो दर्द सभी
शोर से ही ग़म सभी
शोर से दुश्वारियां हैं
शोर में ही रूश्वावाईयां हैं
शोर है हावी
शोर ही डर है
शोर में है कभी ज़ुनून
शोर ही है कभी सुकून
शोर बरसती बारिशों का
शोर भीगती ख़्वाहिशों का
शोर तड़पते ज़ज़्बातों का
शोर सिसकते अल्फ़ाज़ों का
शोर उबलते अंगारों का
शोर घुलती तमन्नाओं का
शोर बीती यादों का
शोर बीती रातों का
शोर लहराते पत्तों का
शोर सूखे लब्ज़ों का
शोर हर जीत का
शोर हर हार का
शोर अब और क्या बता दे?
शोर कितना और मचा दे?
बस कहता है ज़ोर-ज़ोर से
शोर से सब शुरू
शोर में ही सब ख़त्म!!