15 अगस्त
भारत का ये शुभ दिन आया,
जिस दिन मिली हमको आजादी थी,
मुक्त हुए थे ब्रिटिश गुलामी से,
हमको फिर से अपनी पहचान मिली थी,
जंजीरो के खुल गए ताले,
भारत माँ को मुक्ति मिली थी,
घने बादलों को चीरकर,
सूरज ने फैलाई लालिमा थी,
आजादी की वो सुबह,
हर भारतीय को हर्षाने वाली थी,
हर बर्ष 15 अगस्त हमको,
वही अहसास कराता है,
शहीदों के बलिदानों की,
अमर गाथा को याद दिलाता है,
तिरंगा झंडा जब खुले आसमां,
में लहराता है,
हमारा सिर गर्व से,
नतमस्तक हो जाता है,
और हर हिंदुस्तानी एक ही,
सुर में ये गीत दोहराता है,
सारे जहां से अच्छा,
हिन्दोस्तां हमारा है,
हिन्दोस्तां हमारा है।
