कैसा महाज़ाल

भारत बंद का कैसा महाजाल,
कर देता है जनता को बेहाल,
माँगे पूरी मनवाने की खातिर,
कुछ लोग करते है हड़ताल,
एक दिन भारत बंद होने से,
अर्थव्यवस्था का हो बुरा हाल,
सारे कामकाज ठप्प पड़ जाते,
दैनिक मजदूरों के होते फटेहाल,
बड़े लोग बजाते चैन की बंशी,
आम आदमी ठन ठन गोपाल,
परिणाम इसका बुरा ही होता,
स्वार्थी लोगों की ये षड्यंत्र चाल,
कहीं हो जाते दंगे, और आगजनी,
कहीं बंद रूप ले लेता विकराल,
आँखे खोलो, सुधर जाओ अब,
बुद्धि का करो सही इस्तेमाल,
शांतिपूर्ण तरीके से काम करो,
देशप्रगति को न खतरे में डाल,
आंतरिक कलह के कारण कहीं,
अपने भारत में न आ जाये भूचाल।।