मेरे साथ चलो ऐसे कि, सफ़र का मुक़ाम ही तुम, मेरे बहकती यादों का सोचों, उनकी अनकही नाम हो तुम, प्यास है मन मेरा कि, मेरी रूह की तलब हो तुम , सब तुममें मेरे जैसा, कैसे कहूँ अलग हो तुम, शुकूँ भरी शाम को, लिपटी हुई एहसास हो तुम, रुको कुछ कहूँ तुमसे, मेरे सवाल का जवाब हो तुम, मैं समझू तुमको क्या, मेरी प्रेमिका, मेरी ख़्वाब हो तुम।