मैं तुम्हारा संगीत बन जाऊं
मोहब्बत राग ही जो तुम
मैं तुम्हारा संगीत बन जाऊं,
प्रेम का हो जो बन्धन तुम,
तुम्हारे कमलनाल ग्रीवा की माला बन जाऊं,
इश्क़ का लबालब प्याला जो तुम,
मैं बहकता मधुप्यासा बन जाऊं,
कहोगे कि फूल हो जो तुम
मैं भवँर आशिक़ आवारा बन जाऊं,
घुंघरू बांध छत पर आओ जो तुम,
मैं तुम्हारी इच्छा का टूटता तारा बन जाऊं,
आंगन में मेरे तुलसी बनो जो तुम,
मैं ख़्वाब का नक्षत्रेश बन जाऊं।।
