छोड़ कर देखो अनु महेश्वरी हर एक बात को दिल से लगाना छोड़ कर देखो,दर्द भरी स्मृतियों को याद रखना छोड़ कर देखो।उम्मीद के बिना शिकायतें कम होती हैं शायद,हर रिश्ते से फिर उम्मीद रखना छोड़ कर देखो।हर इंसान की अपनी कुछ हो सकती परेशानी,समझे बिना किसी को आँकना छोड़ कर देखो।ख़ुद पर भरोसा रख, जगा अपना आत्मविश्वास,थोड़ा मुस्कुरा, हर ग़म में डूबना छोड़ कर देखो।जीवन भी सुकून भरी शांति से जी जा सकता,छोटी-छोटी उलझनों से घबराना छोड़ कर देखो।