प्रभु की इच्छा

जो रच दिया है प्रभु ने,
वही विधि बन जाता है,
लाख जतन करे मानव चाहे,
प्रभु इच्छा आगे झुक जाता है।
हर बूंद उस सागर की कथा कहती,
वो ही भक्तों की नैया पार लगाता है।

कष्ट उसी प्रभु की है देन,
सुख भी उसकी माया है,
कभी ना भूलो उस दाता को,
जिसने दीप जीवन का जलाया है।
हर बूंद उस सागर की कथा कहती,
वो ही भक्तों की नैया पार लगाता है।

भक्ति की राह कठिन सही,
पर ईश्वर नाम एक सहारा है,
हर मोड़ पर वो साथ निभाए,
उससे जुड़ा नाता सबसे प्यारा है।
हर बूंद उस सागर की कथा कहती,
वो ही भक्तों की नैया पार लगाता है।

जो भी घटता या बढ़ता,
सब उसकी ही लीला है,
सब कुछ का है वो रचयिता,
वो ही सभी का सच्चा रखवाला है।
हर बूंद उस सागर की कथा कहती,
वो ही भक्तों की नैया पार लगाता है।

दीनों का वो है पालनहारा,
मन का वो सच्चा राजा है,
सौंप दो जीवन भार उसी को,
वही तो भवसागर का खेवैया है।
हर बूंद उस सागर की कथा कहती,
वो ही भक्तों की नैया पार लगाता है।