ना तुम बदले, ना हम बदले

ना खुशी बदली, ना ग़म बदले,
ना दिन बदले, ना तम बदले !

देखा जब पलटकर, ये पाया,
बदले भी तो, कुछ कम बदले !

इतना हेर-फेर देखा जीवन में,
ना तुम बदले, ना हम बदले !

चलते रहे एक ही पथ पर,
अपनी ताल-कदम ना बदले !

फासले बदले, ना हमसफ़र,
बस राह ने कुछ कदम बदले !

हर पल में देखा दौर नया,
मुख बदले साथ करम बदले !

बदलाव नियम है प्रकृति का,
जो बदले कम से कम बदले!

जीवन में इतना ख़्याल रहे
जो भी बदले वो सम बदले !

सपने देख ‘धरम’ ने पाया,
दिल में पले कुछ भरम बदले !!