तेरा प्यार ही मेरी जिंदगी

मै भुलाऊँ कैसे बता तुझे
तेरा प्यार ही मेरी जिंदगी।

जो मिला न मुझको कभी यहाँ
है उसी खुदा की बंदगी ।

बरसाते मोहब्बत भी
मुझको न छू सकी
जो दिया है तेरी वफा ने
वो है उम्र भर की तिस्नगी।

अब तो हँसता है मेरा शहर भी
मेरे इस मुकाम पर
तुझे जानकार ऐ जानशीं
मै बना रहा क्यों अजनबी ।

हर राह से मुझको
तेरी ही याद आती है
हर साँस मेरी, बस तेरा ही
नाम दोहराती है ।
तू मेरी हकीकत,
तू ही मेरा ख्वाब है
कैसे बदल दूँ मैं
ये अपनी ही दिललगी ।
मै भुलाऊँ कैसे बता तुझे
तेरा प्यार ही मेरी जिंदगी ।