क्या फ़ायदा जगमोहन गौतम 'मुसाफ़िर' जिसने ठुकरा दिया प्यार मेरी तरह,उसको चाहत जताने से क्या फ़ायदा।वो जो बेजान था मेरी तक़दीर में,उसे साँसों में लाने से क्या फ़ायदा।हर दफ़ा नाम लेकर भी रोया हूँ मैं,अब उसी को रुलाने से क्या फ़ायदा।गौतम अपनी ही तन्हाई सहता रहा,भीड़ में मुस्कुराने से क्या फ़ायदा।