मेरी डायरी जानती है मेरे जीवन के उतार चढ़ाव मेरी व्यक्तिगत सोच, अनुभव, और जन हित भावनाएं, रिश्तों के बाजार में पल पल बनते बिगड़ते बिकते सम्पर्क-संबंध, मेरी शक्ति और दुर्बलताएं; समस्त जीवन का लेखा-जोखा, विश्लेषण, क्रिया-प्रतिक्रियाएँ न कोई रिश्ते बुनता न गिनाता काश मैं कुछ कर पाता, अल्फाज़ दिल से नए सिरे से समझाएं एक नया संसार बनाएं।