मेरी डायरी जानती है

मेरी डायरी जानती है
मेरे जीवन के उतार चढ़ाव
मेरी व्यक्तिगत सोच, अनुभव,
और जन हित भावनाएं,
रिश्तों के बाजार में
पल पल बनते बिगड़ते
बिकते सम्पर्क-संबंध,
मेरी शक्ति और दुर्बलताएं;
समस्त जीवन का लेखा-जोखा,
विश्लेषण, क्रिया-प्रतिक्रियाएँ
न कोई रिश्ते बुनता न गिनाता
काश मैं कुछ कर पाता,
अल्फाज़ दिल से
नए सिरे से समझाएं
एक नया संसार बनाएं।