नहीं भूल पाता तुझको मैं पापा

नहीं भूल पाता तुझको मैं पापा
तेरी छत्र छाया का सुख और पाता
काश ये हो पाता, ओ पापा !
विभाजन की त्रासदी
पढ़ने पालने की झंझावत
अंश भर न ले सका
तेरी ये अदावत
तेरा सौम्य मुस्कराता चेहरा
आँखों को सदा सुहाता
काश मैं समझ पाता, ओ पापा !