पाबंदी डॉ लाल थदानी एहसासों पर है पहरा यहाँ लब पे पाबंदीमरने पर है पाबंदी यहाँ तो जीने पर पाबंदी।आधा है चंद्रमा और जल रही है बातीरात बीती जा रही मेरी बात पर पाबंदी।सबकी महफिलों में है चर्चा आपकीउनके लिए रजामंदी हमारे लिए पाबंदी।पपीहा रात भर रोया प्रियसी की आस मेंचीख कर जान दी इश्क पर कैसी पाबंदी !