परिवार महेंद्र कुमार गर्ग जन्म का बंधन है,सत्य बोलने का मंदिर है,साथ जीने का स्थल,ज्ञान का भंडार है।सुख शांति और प्यार है,यह जीवन की शान हैइसके बिना ना पहचान है,इसे बनाने का निर्णय खुद पर है,परिवार जन्म की मिट्टी हैपरिवार जन्म का बंधन है।पेड़ की तरह एक छाया है,ना इसके बिना जीना किसी को भाया हैयह घर है भगवान का,भगवान का वरदान हैपरिवार में एक साथ रहने कासभी को अधिकार है।