वक़्त सबका बदलता है

वक़्त सबका बदलता है,
मौसम आने पर ऋतु बदल ही जाती है,
बीज पानी मिलने पर पौधा बन ही जाता है,
हवा आने पर मिट्टी उड़ ही जाती है।

सूरज की किरणों से धरा तप ही जाती है,
चलती घड़ी समय बदल ही देती है,
बचपन से जवानी आ ही जाती है,
किताबों को पढ़ने से कामयाबी मिल ही जाती है।

दिन से रात हो ही जाती है,
बारिश होने पर हरियाली छा ही जाती है,
सब कुछ बदल ही जाता है,
वक़्त सबका बदलता है।