अधिकार राजनंदिनी रावत मैं जनती रहूँगी बच्चे। हो जाऊँगी बूढ़ी। नहीं माँगूँगी संभोग, नहीं माँगूँगी प्रेम, नहीं माँगूँगी स्वतंत्रता!