ब्रह्माण्ड राजनंदिनी रावत प्रसव की पीड़ा में जब कराहूँगी भूल जाऊँगी सदियों की घुटन दूँगी जन्म एक जीव को बचा लूँगी पूरा ब्रह्माण्ड।