वर्जिन
कोई बॉयफ्रेंड नहीं हैं तुम्हारा?
अनगिनत बार पूछा गया
उससे ये सवाल
और हर बार की तरह इस बार भी उसने ना कहा
ना सुनने वाले को हैरानी हुई
और उसके ना कहने पर भी यकीन नहीं आया
वो कैसे सिंगल हो सकती हैं?
जब लिव इन चरम सीमा पर हैं
और वो बेहद खूबसूरत हैं
बेहद खुशमिजाज भी हैं
यकीनन झूठ कह रही होगी
खुद को सती सावित्री बताना चाह रही होगी
कॉलेज के लड़के
पहले दिन से
उस पर नजर रखे हुए हैं
वो मोबाइल यूज़ नहीं करती
ना ही लड़कों से कभी उसे बातें करते हुए देखा गया
जैसे सारी लड़कियों को करतें हुए देखा गया
वो किताबों में उलझी रहती हैं
अपने में रहती हैं
कॉलेज का वो लड़का
जिस पर मरती हैं
कई लड़कियाँ
उसे वो किताबी लड़की पसन्द आ गई हैं
जब ऐसे लड़के की तरफ कोई लड़की ध्यान नहीं देती
जिस पर सारी लड़कियाँ मर मिट चुकी हो
तो वो लड़की उस लड़के का आकर्षण केंद्र बन जाती हैं
वो उसे सबसे हसीन लगती हैं
अलग लगती हैं
ऐसी लड़की को अपनी ऒर करना
लड़के को उपलब्धि लगती हैं
ऐसा पहली बार नहीं हुआ हैं!
संसार की हर स्त्री जो पुरुषों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहती थी
वो हमेशा आकर्षण का केंद्र बनी
कॉलेज का वो लड़का
पूरी कोशिश करता हैं
उसके करीब जाने की
मगर वो नहीं देखती
उसकी तरफ
फिर कोई और लड़का
उस लड़की से दोस्ती का हाथ बढ़ाता हैं
हम दोस्त ही रहेंगे…
कहकर
लड़की हाथ मिला लेती हैं
लड़की को हाथ मिलता देख
दूर से वो लड़का स्तब्ध रह जाता हैं
और दूसरे उसके साथी
हँसते हैं
और कहते हैं
”ये बाजी मार गया आखिर…
भला इस जमाने में कोई लड़की वर्जिन कैसे रह सकती हैं !”
