कारक के चिह्न

कर्ता ‘ने’
मतलब उन्होंने
जिन्होंने सदियों से खटमल की तरह
चूसा है खून और
पकड़ कर रखे हैं सारे अवसर
कर्म ‘को’
अपने भाइयों और बिरादरियों वालों को
करण ‘से’
समस्त सरकारी संसाधनों से
सम्प्रदान के लिए
अपनी जातीय एकता बनाये रखने के लिए
अपादान ‘से’
अलग करके दूसरों से
सम्बन्ध का के की
अपनों का, अपनों के और अपनों की
अधिकरण में पर
अपनी संस्थानों/विश्वविद्यालयों/ अकादमियों में
समस्त अपने हड़पे मंचों पर
जमे रहने की व्यवस्था है
सम्बोधन ‘हे’ ‘अरे’
यानि हे !हमारे भाइयों बहनों
समझो इस कारक के चिन्ह को
अरे ! भाइयों बहनों
नहीं समझोगे तो पछताओगे
क्योंकि समझने लगे हैं वे भी
इस कारक के चिन्ह को।