रंगरेलियां मनाने दो नेता हैं हम
इलेक्शन में वोट मुझको दीजिये
लोगों की बातों पर ध्यान मत दीजिये
आप ही मेरे माई बाप हैं
लोगों का स्वास्थ्य सोच
मेरे के लिए अभिशाप है
दंगा हो या फसाद सब कुछ चलेगा
गलत फहमियों के कारण
वोट मुझको ही मिलेगा
बोले मत कहे मत
जीभ उसका काट लो
देखे मत दिखाये मत
आंखें उसकी फोड़ दो
लिखे मत छापे मत
हाथ उसका मरोड़ दो
ठंड बहुत है जनता जी
आप कम्बल ओढ़कर सो जाओ
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तुम भी
कम्बल ओढ़कर सो जाओ
पार्टियों बार में हमें जाने दो
ठंडी है बम बम
रंगरेलियां मनाने दो
नेता हैं हम
कुर्सी मेरी माँ
पैसा मेरा बाप है
कौन कहता है
इनके लिए
गिरगिट बनना पाप है।
