कितने रंग शिव नारायण जब जब मैं गिरातब तब तुम हंसे, उठा, उठने लगातुम आक्रामक हुए, तन कर खड़ा हुआतुम कहर बरपाने लगेऔर अब-जब हंस रहा हूँतो तुम रिरियाने लगे हो..!ओ मेरे प्रभु ! आखिर तुमने बनाए हैंआदमी केकितने कितने रंग !!