संत वही है एक

अपेक्षा जो करे नहीं, होता नहीं निराश।
फल हमेशा मिले उसे, खुशियाँ जीवन पास॥

दूर तलक लख रोशनी, तम का कहीं न वास।
सकारात्मक सोच रखे, रह जीवन में खास॥

मुश्किल क्षण में धीरता, बड़े बड़ों की शान।
शांत रहे जो नित्य ही, उस सा सफल न आन।

क्रोध कभी ना कीजिये, हरता वही विवेक।
सुख-दुःख में जो सम रहे,संत वही है एक॥

लोभ में जो फंसे नहीं, पा लेता है लक्ष्य।
लालच पीछे भागते, बने काल के भक्ष्य॥

‘शिव’ सहज ही नित रहिये, जीवन हो खुशहाल।
मेल-जोल से जो रहे, सदा बढ़े हर हाल॥