जिन्दगी तू बता दे तो सही
जिन्दगी तू बता दे तो सही,
मैं जाऊँ कहां, जाऊँ किधर
वो राह कौन सी है, कौन से साथी है,
है वो कैसी डगर
मैं आजकल तो उदास-उदास हूं,
एहसास हो तो सही तुम्हें
तू ईमानदार बन भी जा,
बन जा मेरे वो तुम्हीं तो हमसफर।
मैं नादान हूं-हां मैं नादान हूं,
ना जाने तेरी हरकतों से परेशान हूं
अब तो तुम्हीं बता दे मेरे जिन्दगी,
मैं जाऊँ कहां-जाऊँ किधर।
हैरानियों में मैं हूं आजकल,
फिसलने लगा है तू हाथों से जो!
तू मुझे हैरान ना कर इस कदर,
आ मेरी जिन्दगी तू मुझको नजर।
बेताबियां है आजकल मिलना है तुझे,
बेताब सा हूं धड़कन लिए
शायद इसी एहसास के लिए जिन्दगी
तू बन भी जा रहबर।
आज इश्क की हरकतें कितनी होने लगी है,
जिन्दगी तेरे लिए
इक ख्वाब को हूं दिल में लिये,
वो मेरे जिन्दगी तू मेरे लिए ठहर।
जिन्दगी तू बता दे तो सही तू है कहां,
नजर मुझे तुम आती नहीं!
नादान दिल चाहतें लिए मौन है,
तू रुकना तो दो घड़ी-दो पहर।
