मुझे इश्क हुआ अर्चना राठौर जबसे हुआ दीदार तेरा तुमसे मोहब्बत सी हो गई,दिल न रहा वश में मेरे, ये भी तवायफ सी हो गई।दरिया ए इश्क जैसी है, तुम्हारी ये दिलकश निगाहेंएक बार नजरें क्या मिली तुमसे चाहत सी हो गई।शिकवा करने गए थे हम, भला किससे करें गिलातुम्हें भुलाने की जिद की, मगर इबादत सी हो गई।करना था दरिया पार मगर साहिल पे बैठे रह गएमौजों को था इश्क तुमसे उनसे बगावत सी हो गई।काश ! अब ये उम्र गुज़रे बस तुम्हें ही देखते देखतेहसीं चेहरे पे मुस्कान देख अब तेरी आदत सी हो गई।