बदल गया ये मौसम भी अर्चना राठौर बदल गई है ये अपनी फ़िज़ायें औरबदल गया ये मौसम भी।काश ! तुम ज़रा बदल जाते, हो जाता दो दिलों का संगम भी।तुम ही बता हम अपनी जुबां से,दिल की बातें तुझे कैसे कहें ?तेरी आँखों का इशारा होता, तेरे साथ बारिश में भीगते हम भी।