कुछ न कहेंगे अर्चना राठौर अब तो तन्हा चलना सीखलिया भीड़ भरी राहों में,पर तुम्हारे साथ बिताए पल संजो रखे है बाहों में,कुछ न कहेंगे लब खामोश रहेंगे ये वादा हैं आपसे,खफ़ा न हो जाना अगर कुछ कह बैठे निगाहों से।