अच्छा लगता है तुम्हें देखकर अर्चना राठौर अच्छा लगता है तुम्हेंदेखकर, क्योंकि बिंदासतुम्हारी मुस्कान है।कैसे जिएँगे तुमसे जुदाहोकर, क्योंकि तुझमें बसीमेरी जान है।एक तुम्हीं से इश्क़ कीख़्वाहिश करके, हम आएहैं दर पे तेरे।तुमको पाने के लिए एककी कौन कहे, सैकड़ों दिलक़ुर्बान हैं।