कुछ न कहेंगे

अब तो तन्हा चलना सीख
लिया भीड़ भरी राहों में,
पर तुम्हारे साथ बिताए पल
संजो रखे है बाहों में,
कुछ न कहेंगे लब
खामोश रहेंगे ये वादा हैं आपसे,
खफ़ा न हो जाना अगर
कुछ कह बैठे निगाहों से।