इस तन्हा ज़िन्दगी में तेरे सिवा मुझे कभी कोई रास आया ही नहीं, बहुत ढूँढा ज़माने में निगाहों ने, मगर तुझ सा बिंदास पाया ही नहीं। जब तुम जैसे हसीन का दीदार हो गया, तो और किसकी तमन्ना करें, एक बार तुम्हें दिल का मेहमाँ बना लिया, तो फिर कभी भुलाया ही नहीं।