डॉ संतोष पटेल

डॉ. संतोष पटेल समकालीन हिन्दी और भोजपुरी साहित्य के एक महत्वपूर्ण कवि, आलोचक तथा शिक्षाविद हैं। उन्होंने इग्नू, नई दिल्ली से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। साहित्यिक सृजन के साथ-साथ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका रही है। वर्तमान में वे दिल्ली सरकार के अधीन दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी में सहायक कुलसचिव (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) के पद पर कार्यरत हैं ।डॉ. संतोष पटेल की काव्य-चेतना सामाजिक यथार्थ, बौद्धिक विवेक, करुणा और प्रतिरोध की सशक्त अभिव्यक्ति है। उनके काव्य में बुद्ध-दर्शन, शून्यता, स्वतंत्रता, सत्य की परीक्षा, सत्ता और इतिहास की आलोचना तथा हाशिये के समाज की पीड़ा गहराई से प्रतिध्वनित होती है। भाषा की दृष्टि से वे हिन्दी और भोजपुरी—दोनों में समान अधिकार और संवेदनशीलता के साथ लिखते हैं।
उनके प्रमुख काव्य प्रकाशनों में शब्दों की छांव में, जारी है लड़ाई, नो क्लीन चिट, कारक के चिन्ह (हिन्दी काव्य संग्रह), भोर भिनुसार (भोजपुरी काव्य संग्रह, मैथिली–भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार द्वारा प्रकाशित) तथा अदहन (भोजपुरी कविता संग्रह) शामिल हैं। आलोचना के क्षेत्र में उनकी चर्चित कृति छायावाद के प्रवर्तक है। इसके अतिरिक्त उन्होंने समकालीन दलित कविता (भोजपुरी) का संपादन भी किया है ।
डॉ. संतोष पटेल ‘भोजपुरी जिंदगी’ पत्रिका के संपादक भी हैं, जिसके माध्यम से वे भोजपुरी भाषा और साहित्य को वैचारिक विस्तार तथा समकालीन विमर्श से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उनका लेखन साहसिक, प्रश्नाकुल और बौद्धिक ईमानदारी से युक्त है, जो पाठक को केवल भावुक नहीं करता, बल्कि सोचने और परखने के लिए प्रेरित करता है। डॉ. संतोष पटेल एक ऐसे रचनाकार हैं जिनकी कविता, आलोचना और वैचारिक हस्तक्षेप भारतीय समाज, लोकतंत्र और मनुष्य की आंतरिक स्वतंत्रता को नए दृष्टिकोण से देखने की क्षमता प्रदान करते हैं।