धर्मेंद्र कुमार निवातिया

धर्मेन्द्र कुमार निवातिया का जन्म 1 अगस्त 1972 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुआ। उन्होंने स्नातकोत्तर के साथ बी०एड० की शिक्षा प्राप्त की है। अपने माता-पिता, श्रीमती बीरमती और श्री जयप्रकाश के संरक्षण में उनका पालन-पोषण उत्तर प्रदेश के उस ग्रामीण अंचल में हुआ है, जहाँ आज भी भारतीय परिवेश की जीवंतता महसूस की जा सकती है।उनकी लेखनी उनके सहज और सरल व्यक्तित्व का प्रतिबिंब है। व्याकरण और शिल्प की जटिलताओं में पड़ने के बजाय, वे सीधे तौर पर भावों की अभिव्यक्ति को महत्व देते हैं, जो उनके लेखन की एक मुख्य विशेषता है। एक विचारक के रूप में वे सामाजिक कुरीतियों और रूढ़िवादी सोच के विरुद्ध अपनी रचनाओं के माध्यम से सकारात्मकता और जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।साहित्यिक दृष्टि से उनका कार्यक्षेत्र काफी व्यापक है। वे देशप्रेम, प्रकृति, जीवन दर्शन, प्रेम और व्यंग्य जैसे विषयों पर निरंतर कलम चला रहे हैं। कविता, ग़ज़ल, नज़्म, गीत, हाइकू, मुक्तक, कहानी और शेर-शायरी के माध्यम से वे समाज के यथार्थ को सबके सामने लाते हैं। उनकी रचनाएँ समय-समय पर विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं का हिस्सा बनती रही हैं।उनकी साहित्यिक उपलब्धियों में ‘साहित्य पीडिया’ द्वारा आयोजित काव्य प्रतियोगिता में उनकी रचना ‘मुझको मेरा हक दो’ के लिए मिला सम्मान प्रमुख है। संपर्क (ईमेल)-dknivatiya@gmail.com

प्रकाशित पुस्तकें

  • नया युग नई सोच (साझा काव्य संग्रह)
  • जज़्बात-ए-कलम(साझा काव्य संग्रह)
  • प्रत्याशा(साझा काव्य संग्रह)
  • गुलिस्ताँ-साहित्य की फुलवारी(साझा काव्य संग्रह)
  • उड़ान नए परिंदों की(साझा काव्य संग्रह)
  • मातृभूमि(साझा काव्य संग्रह)