अपराजिता की हिन्दी साहित्य यात्रा में आपका स्वागत है ।
यात्राएं अनेक है किन्तु गंतव्य एक है। जाने अंजाने उस अनेक से एक की यात्रा पर हम सभी जा रहे है। आशा है कि आप अपराजिता की साहित्य यात्रा का हिस्सा बन हमें अपने लक्ष्य तक पहुँचने मे सहयोग प्रदान करेंगे। काव्य अपराजिता, हिन्दी साहित्य को समर्पित एक गैर व्यवसायिक वेबसाइट है । यह जीवन के अनुभव को हिन्दी साहित्य के रूप मे साझा करने का एक लघु प्रयास है । साहित्य मनुष्य की चेतना का प्रतिबिंब है । मनुष्य की चेतना जब शब्दों का रूप लेती है तो साहित्य की रचना होती है । साहित्य महज शब्दों की कारीगरी या कल्पना मात्र नहीं है, यह जीवन के विभिन्न अवसरों, परिस्थितियों में मनुष्य के संघर्ष, उल्लास, पीड़ा एवं प्रेम की अभिव्यक्ति है ।
तुम से आप
डॉ अशोक चक्रधर तुम भी जल थेहम भी जल थेइतने घुले-मिले थेकि एक दूसरे सेजलते न थे। न तुम खल थेन हम खल थेइतने खुले-खुले थेकि एक दूसरे कोखलते न
Ashok Chakradhar
डॉ अशोक चक्रधर जीवन परिचय डॉ. अशोक चक्रधर हिंदी साहित्य और मंच के ऐसे हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने हास्य को फूहड़पन से निकालकर उसे गहरी सामाजिक चेतना और बौद्धिक व्यंग्य का
उस दिन जब जीवन के पथ में
जयशंकर प्रसाद उस दिन जब जीवन के पथ में,छिन्न पात्र ले कंपित कर में,मधु-भिक्षा की रटन अधर में,इस अनजाने निकट नगर में,आ पहुँचा था एक अकिंचन। उस दिन जब जीवन




